गाडरवारा में प्रशासन को खुली चुनौती: सील होने के बावजूद फिर से खुली 'शिफा फार्मेसी'

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गाडरवारा में प्रशासन को खुली चुनौती: सील होने के बावजूद फिर से खुली 'शिफा फार्मेसी'

गाडरवारा, [आज की तारीख] - मध्यप्रदेश के गाडरवारा से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा अनियमितताओं के चलते सील की गई 'शिफा फार्मेसी' को कथित तौर पर फिर से खोलकर संचालित किया जा रहा है, जिसने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।

​यह पूरी घटना तब सामने आई जब कुछ दिन पहले ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन ने शिफा फार्मेसी पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें शामिल हैं:

  • पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति: अर्जुन कौरव, जो फार्मेसी में पंजीकृत फार्मासिस्ट हैं, मौके पर मौजूद नहीं पाए गए।
  • दवाओं का अनुचित भंडारण: दवाओं का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था।
  • रिकॉर्ड में भारी अनियमितताएं: नार्कोटिक्स जैसी संवेदनशील दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में भारी खामियां पाई गईं।
  • निरीक्षण पुस्तिका अनुपस्थित: दुकान पर कोई निरीक्षण पुस्तिका भी उपलब्ध नहीं थी।

​इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने 'शिफा फार्मेसी' को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू की गई थी। यह कार्रवाई सार्वजनिक तौर पर की गई थी।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सील होने के बावजूद 'शिफा फार्मेसी' फिर से कैसे खुल गई?

​क्या स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई सिर्फ एक दिखावा थी? क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में आकर दुकान को दोबारा खोलने की अनुमति दी गई? यह कार्रवाई न केवल कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ है।

​स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब सील करने का आदेश सार्वजनिक था, तो खोलने का आदेश भी सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? यह पूरी प्रक्रिया संदिग्ध है और इसमें मिलीभगत की बू आ रही है।

​प्रशासन को इस मामले की तत्काल उच्च-स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। जनता अब पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है

  • ​गाडरवारा में 'शिफा फार्मेसी' सील होने के बावजूद फिर से संचालित हुई।
  • ​निरीक्षण में पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, दवाओं का अनुचित भंडारण और रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिली थीं।
  • ​जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फार्मेसी को सील किया गया था।
  • ​पुनः संचालन प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
  • ​जनता मामले की उच्च-स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।