नरसिंगपुर जनसुनवाई या सिर्फ औपचारिकता? इलाज में लापरवाही से मौत के 8 महीने बाद भी जांच 'शून्य' ​नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश सरकार की 'जनसुनवाई' योजना पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

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जनसुनवाई या सिर्फ औपचारिकता? इलाज में लापरवाही से मौत के 8 महीने बाद भी जांच 'शून्य'

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश सरकार की 'जनसुनवाई' योजना पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। नरसिंहपुर कलेक्टर कार्यालय में न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक बेबस विधवा महिला आज 8 महीने बीत जाने के बाद भी सिर्फ तारीखों और आश्वासनों के जाल में फंसी हुई है। मामला डॉक्टर की कथित लापरवाही से एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा है, जिस पर प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

क्या है पूरा मामला?

  • पीड़िता: प्रीति बाई नाथ (निवासी: देवरी, तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर)।
  • आरोप: प्रीति बाई ने 16 सितंबर 2025 को कलेक्टर को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 2 अक्टूबर 2024 को उनके पति स्वर्गीय सुनील कुमार नाथ को इलाज के लिए डॉ. पंकज थारवानी के निजी क्लिनिक ले जाया गया था।
  • लापरवाही का दावा: शिकायत के मुताबिक, डॉक्टर द्वारा 'बोतल और इंजेक्शन' लगाने के बाद मरीज की हालत अचानक बेहद बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें नागपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

कलेक्टर कार्यालय की मुहर, पर कार्रवाई गायब

​महिला द्वारा सौंपे गए आवेदन पर कलेक्टर कार्यालय, नरसिंहपुर की जनसुनवाई की आधिकारिक सील लगी हुई है, जिस पर दिनांक 16/09/2025 दर्ज है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर शिकायत को दर्ज हुए 8 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, मगर पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक न तो कोई निष्पक्ष जांच शुरू हुई है और न ही आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया है।

बड़ा सवाल: अगर जनसुनवाई जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में सीधे कलेक्टर को सौंपे गए आवेदनों का यह हश्र होता है, तो आम जनता न्याय के लिए आख़िर किसके पास जाए? क्या पीड़ित महिला को न्याय मिलेगा या यह फाइल भी दफ्तर की धूल फांकती रहेगी?

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Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।