मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई और जमानत भी दे दी
- bySatendra Mishra
- 02 Apr 2026, 02:22 PM
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मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है।
गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई और जमानत भी दे दी। इस फैसले से उनकी विधायकी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सह-आरोपी पूर्व बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
वर्ष 1998 में जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) के अध्यक्ष थे, उन्होंने अपनी मां सावित्री श्याम के नाम पर 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। मूल रूप से यह एफडी तीन साल की अवधि और 13.5% ब्याज दर पर थी।
आरोप है कि भारती ने बैंक कर्मचारी के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी की। एफडी की अवधि पहले 10 साल और फिर 15 साल कर दी गई। ब्याज दरें बाजार में घटने के बावजूद वे पूरे समय 13.5% ब्याज ही निकालते रहे, जिससे बैंक को नुकसान हुआ। यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक चलता रहा।
साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक अध्यक्ष बने तो उन्होंने इस अनियमितता सामने आई। सहकारिता विभाग की जांच में एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। जब भारती ने एफडी की राशि मांगी तो बैंक ने भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद भारती उपभोक्ता फोरम, राज्य फोरम, राष्ट्रीय फोरम और अंत में सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन राहत नहीं मिली।
2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश जांगरे की पहल पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ। केस में आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (जालसाजी से संबंधित) लगाई गईं। बाद में मामला ग्वालियर से दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित हुआ।
कोर्ट ने विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई, दो धाराओं में तीन-तीन साल और एक में दो साल की। कुल मिलाकर तीन साल की सजा प्रभावी मानी जा रही है। कानूनी प्रावधानों के मुताबिक दो साल या उससे अधिक सजा होने पर विधायक की सदस्यता जा सकती है।
Satendra Mishra
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