गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर तत्काल और रिजर्वेशन टिकटों में 'एनालॉग दलाली' का खेल? यात्रियों का फूटा गुस्सा

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गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर तत्काल और रिजर्वेशन टिकटों में 'एनालॉग दलाली' का खेल? यात्रियों का फूटा गुस्सा, DRM से जाँच की माँग

गाडरवारा। 'डिजिटल इंडिया' के इस दौर में भी गाडरवारा रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर 'एनालॉग दलाली' और टिकटों की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला गरमाता नजर आ रहा है। स्थानीय यात्रियों और सूत्रों से मिल रही शिकायतों के अनुसार, रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर आम जनता के अधिकारों का सरेआम हनन हो रहा है, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश है।

​बंद खिड़की से पहले लगती है 'एडवांस लाइन'

​यात्रियों का आरोप है कि रिजर्वेशन काउंटर की खिड़की खुलने से पहले ही कुछ विशेष लोगों की 'एडवांस लाइन' लग जाती है। इसके चलते जैसे ही काउंटर खुलता है, वैसे ही कुछ ही मिनटों में सारे कन्फर्म टिकट खत्म हो जाते हैं।

​घंटों कतार में खड़े रहने वाले आम यात्रियों के हाथ सिर्फ वेटिंग टिकट ही लगता है, जबकि कुछ रसूखदार और संदिग्ध लोग रोजाना बड़ी संख्या में आसानी से कन्फर्म टिकट हासिल कर रहे हैं। इस अव्यवस्था ने अब सीधे तौर पर रेलवे की बुकिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​यात्रियों की मुख्य माँगें:

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय यात्रियों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की मांग तेज कर दी है। यात्रियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें रखी हैं:

  • CCTV फुटेज की जाँच: पिछले 3 महीनों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला जाए ताकि काउंटर के पास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों का सच सामने आ सके।
  • बुकिंग रिकॉर्ड का ऑडिट: पिछले कुछ समय के टिकट बुकिंग रिकॉर्ड की बारीकी से जाँच की जाए कि एक ही आईडी या कुछ चुनिंदा लोगों को रोजाना टिकट कैसे मिल रहे हैं।
  • रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई: यदि जाँच में कोई भी संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 (अवैध रूप से टिकट बेचने/दलाली करने) के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • पारदर्शिता की माँग: रिजर्वेशन और तत्काल टिकट की पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जाए ताकि आम नागरिक को परेशानी न हो।

​DRM जबलपुर से निष्पक्ष जाँच की गुहार

​नाराज यात्रियों ने इस पूरे मामले की शिकायत रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से DRM (मंडल रेल प्रबंधक) जबलपुर से की है। यात्रियों का कहना है कि "रेलवे की सुविधा आम जनता के लिए है, किसी की निजी जागीर नहीं।" अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत के बाद रेल प्रशासन कितनी जल्दी हरकत में आता है और इस कथित दलाली के खेल पर लगाम कसता है।

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Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।