चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण किया जाता है
- bySatendra Mishra
- 26 Mar 2026, 08:13 AM
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चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी को कन्या पूजन करते हैं तो कुछ लोग नवमी तिथि पर। इस दिन कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजन किया जाता है। साथ ही, भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार कन्याओं को धन, पेंसिल आदि चीजें भेंट करते हैं। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी मनाने वाले जातक 26 मार्च, गुरुवार को कन्या पूजन करेंगे और नवमी तिथि इस बार 27 मार्च, शुक्रवार को पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। साथ ही, कन्या पूजन की विधि और आवश्यक नियम भी विस्तार से जानें।
अष्टमी कन्या पूजन शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का आरंभ 25 मार्च, बुधवार के दिन दोपहर में 1 बजकर 51 मिनट से होगा और अगले दिन 26 मार्च, गुरुवार को सुबह 11 बजकर 49 मिनट तक अष्टमी तिथि व्याप्त रहेगी। इसके पश्चात, नवमी तिथि लग जाएगी। ऐसे में जो लोग अष्टमी पूजते हैं उनके लिए 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 49 मिनट तक कन्या पूजन कर लेना उत्तम रहेगा।
Satendra Mishra
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