नरसिंहपुर जिले में स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा और सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं।
- bySatendra Mishra
- 05 Apr 2026, 11:06 PM
- 4 Mins
नरसिंहपुर जिले में स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा और सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं।
घटनाक्रम और तथ्य
स्थानीय स्तर पर यह जानकारी प्राप्त हुई कि 20 और 21 मार्च 2026 को मंत्री और कलेक्टर की मौजूदगी में दोनों अधिकारी मुख्यालय पर नहीं थे।स्थानीय चर्चा है कि क्या सरकारी छुट्टियों या निजी कारणों से वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय से बाहर रहते हैं और आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं।
प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल
सीएमएचओ और सिविल सर्जन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण पद हैं। उनकी नियमित अनुपस्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यालय पर वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट नहीं है।
नए सवाल
- क्या अधिकारी नियमित रूप से मुख्यालय से बाहर रहते हैं?
- क्या इसके लिए आवश्यक अनुमति ली जाती है?
- क्या वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त है?
- आपात स्थिति में सेवाओं की निगरानी प्रभावित होती है या नहीं?
सीएमएचओ और सिविल सर्जन को छुट्टी और मुख्यालय छोड़ने की अनुमति कौन दे रहा है?
स्वास्थ्य प्रशासन में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि वरिष्ठ अधिकारी सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा और सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी सरकारी छुट्टी या निजी कारणों से मुख्यालय छोड़ते हैं, तो इसके लिए अनुमति कौन और कैसे देता है। स्थानीय कर्मचारियों और सूत्रों के अनुसार, ऐसी अनुमति की प्रक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट नहीं है। इससे यह संभावना बनती है कि आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी प्रभावित हो सकती है।इसलिए यह सवाल बनता है कि अंततः मुख्यालय छोड़ने और छुट्टी की स्वीकृति किस स्तर पर होती है और जिम्मेदारी किसकी बनती है। इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होते ही रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
