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किताबी ज्ञान से आगे बढ़े विद्यार्थी, तकनीक से खेती तक सीखा हुनर! पीएम श्री विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने किया औद्योगिक भ्रमण,

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किताबी ज्ञान से आगे बढ़े विद्यार्थी, तकनीक से खेती तक सीखा हुनर!

पीएम श्री विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने किया औद्योगिक भ्रमण, भारत डिजिटल अकादमी में एआई, गन्ना अनुसंधान केंद्र में उन्नत किस्मों और जैविक कृषक के खेत में प्राकृतिक खेती की बारीकियां जानीं

प्राचार्य मीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में कृषि एवं आईटी के विद्यार्थियों ने लिया व्यावहारिक ज्ञान, शिक्षकों के सहयोग से सफल हुआ शैक्षणिक भ्रमण

गाडरवारा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरिया कला, विकासखंड साईंखेड़ा, जिला नरसिंहपुर के विद्यार्थियों ने तीन दिवसीय औद्योगिक भ्रमण के दौरान तकनीक, वैज्ञानिक कृषि और जैविक खेती की दुनिया को करीब से जाना। भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन की नई शिक्षा नीति के अनुरूप संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9वीं, 10वीं एवं 11वीं के छात्र-छात्राओं को तीन अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गाडरवारा स्थित भारत डिजिटल अकादमी कंप्यूटर सेंटर, बोहानी स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र तथा ग्राम दुधवारा के जैविक कृषक श्री कृष्णकांत वर्मा के कृषि क्षेत्र का अवलोकन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गन्ने की विभिन्न किस्मों, कृषि अनुसंधान, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद और कृषि आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराया गया।

*डिजिटल दुनिया से परिचित हुए विद्यार्थी, एआई की उपयोगिता भी समझी*

औद्योगिक भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने गाडरवारा के पलटन गंज स्थित भारत डिजिटल अकादमी कंप्यूटर सेंटर का भ्रमण किया। यहां संस्थापक श्री हर्षित वैद्य एवं उनके स्टाफ ने विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व की जानकारी दी।विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा रोजगार, व्यवसाय, शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंप्यूटर के माध्यम से डाटा प्रबंधन, दस्तावेज तैयार करने, इंटरनेट संचालन और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने जैसी दक्षताएं भविष्य के लिए उपयोगी हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की उपयोगिता से परिचित कराया गया। उन्हें बताया गया कि एआई आधारित तकनीक सूचनाओं के विश्लेषण, कार्यों को सरल बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकती है। विद्यार्थियों को डिजिटल कौशल के साथ जिम्मेदार तकनीकी उपयोग और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के महत्व को भी समझाया गया।

 

*गन्ना अनुसंधान केंद्र बोहानी में जानीं उन्नत किस्में और वैज्ञानिक कृषि की बारीकियां*

भ्रमण के दूसरे चरण में विद्यार्थी नरसिंहपुर जिले के बोहानी स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र पहुंचे। यहां केंद्र के प्रबंधक संचालक डॉ. बी.के. शर्मा ने विद्यार्थियों को गन्ने की विभिन्न प्रजातियों एवं किस्मों, अनुसंधान कार्यों और वैज्ञानिक तरीके से गन्ने की खेती करने की जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने बताया कि गन्ना एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक फसल है, जिसका उपयोग चीनी, गुड़ सहित विभिन्न उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। गन्ने की खेती में उपयुक्त किस्म का चयन, मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई प्रबंधन, पोषक तत्वों की उपलब्धता और फसल की उचित देखभाल का विशेष महत्व होता है। विद्यार्थियों को अनुसंधान केंद्र में संचालित अनुसंधान एवं वितरण संबंधी गतिविधियों से भी परिचित कराया गया। उन्होंने जाना कि कृषि अनुसंधान के माध्यम से किसानों तक उपयोगी तकनीकों और उपयुक्त किस्मों की जानकारी पहुंचाने में सहायता मिलती है। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार की संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा, क्योंकि उन्हें कृषि विषय में पढ़ाए जाने वाले फसल उत्पादन, उन्नत किस्मों, कृषि अनुसंधान और आधुनिक खेती के सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर समझने का अवसर मिला।

*जैविक कृषक के खेत पर सीखा प्राकृतिक खेती का महत्व, जैविक गुड़ और जीआई टैग पर भी चर्चा*

औद्योगिक भ्रमण के तीसरे चरण में विद्यार्थियों ने ग्राम दुधवारा के जैविक कृषक श्री कृष्णकांत वर्मा देवासी के कृषि क्षेत्र का भ्रमण किया। यहां उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की उपयोगिता, जैविक खाद, मिट्टी के स्वास्थ्य और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्री वर्मा ने विद्यार्थियों को समझाया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाना, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना टिकाऊ कृषि के महत्वपूर्ण आधार हैं। जैविक खाद तथा उपयुक्त कृषि पद्धतियों के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को जैविक गुड़ की विशेषताओं, उसके उत्पादन और गुणवत्ता के महत्व से भी परिचित कराया। विद्यार्थियों ने जाना कि गन्ने के रस से तैयार होने वाले गुड़ की गुणवत्ता के लिए स्वच्छ प्रसंस्करण, उचित भंडारण और निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है।

*कृषि और आईटी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की पहल*

विद्यालय में संचालित व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें कार्यक्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराना भी है। औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने देखा कि किस प्रकार सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि अनुसंधान और जैविक खेती अलग-अलग क्षेत्रों में ज्ञान, कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं।

इस औद्योगिक भ्रमण का आयोजन संस्था की प्राचार्य श्रीमती मीना अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कृषि व्यावसायिक शिक्षक श्री रजनीश कुमार कौरव एवं आईटी व्यावसायिक शिक्षिका श्रीमती रितु श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबंधित विषयों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने और विभिन्न संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान संस्था के शिक्षक श्री द्रगपाल सिंह राजपूत एवं श्री अशोक विश्वकर्मा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। प्राचार्य के मार्गदर्शन तथा शिक्षकों के समन्वित प्रयासों से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक कृषि और जैविक खेती से संबंधित प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।

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Author

Satendra Mishra

संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।