गाडरवारा में किसानों का ऐतिहासिक हुजूम: राष्ट्रवादी किसान आर्मी के 'जनक्रांति आंदोलन' में ट्रैक्टरों के साथ पहुंचगे हजारों किसान गा
- bySatendra Mishra
- 27 Jun 2026, 09:10 AM
- 5 Mins
गाडरवारा में किसानों का ऐतिहासिक हुजूम: राष्ट्रवादी किसान आर्मी के 'जनक्रांति आंदोलन' में ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे हजारों किसान
गाडरवारा (मध्य प्रदेश)
दिनांक: 27 जून 2026, शनिवार
आज गाडरवारा की जवाहर कृषि उपज मंडी (नई मंडी) में एक ऐतिहासिक और विशाल नजारा देखने को मिला। राष्ट्रवादी किसान आर्मी के तत्वाधान में आयोजित 'जनक्रांति आंदोलन' के तहत आज सुबह 11:00 बजे से हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ गाडरवारा पहुंचे। किसानों के इस हुजूम और ट्रैक्टरों की लंबी कतारों ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर जुटे किसानों ने मंडी परिसर में एक विशाल धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
मंडी परिसर में 'किसान एकता जिंदाबाद' के गगनभेदी नारों के बीच किसानों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें:
आंदोलन के दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र भी सामने रखा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:
- फसल खरीदी व बोनस: मूंग की फसल की 100% खरीदी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही गन्ने पर प्रति क्विंटल ₹50 का बोनस दिया जाए।
- धान और गेहूं के दाम: क्रांति धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल और गेहूं की खरीदी ₹3000 प्रति क्विंटल की दर से की जाए।
- जीआई (GI) टैग की मांग: मध्य प्रदेश में बासमती धान को जीआई टैग दिलाया जाए।
- सब्सिडी और महंगाई से राहत: लगातार बढ़ती डीजल कीमतों पर किसानों को प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) सब्सिडी दी जाए। साथ ही, खाद की महंगाई को तुरंत घटाकर गांवों में खाद की नियमित उपलब्धता के लिए सहकारी समितियों को सशक्त बनाया जाए।
- बिजली और ईंधन आपूर्ति: खेती-किसानी के लिए प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए और खेतों (कैन/कूप) में डीजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- पारदर्शी व्यवस्था: फसल विक्रय की पूरी व्यवस्था को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।
राष्ट्रवादी किसान आर्मी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हक की लड़ाई है। आज हजारों किसान अपने घरों से ट्रैक्टर लेकर सिर्फ प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि अपने अधिकारों को एकजुट होकर मांगने आए हैं। यदि सरकार इन जायज मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो यह जनक्रांति आंदोलन आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप धारण कर सकता है।
फिलहाल, भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सतेन्द्र मिश्रा गाडरवारा
Satendra Mishra
संवाददाता एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, प्रशासन और सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है। वे जमीनी स्तर की खबरों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रूप में पाठकों तक पहुँचाने पर विश्वास रखते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्वसनीय जानकारी के साथ जनहित से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना है।
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